उत्तराखंड के त्योहार
गढ़वाल, कुमाऊँ और जौनसार-बावर के पारम्परिक त्योहार — हर पर्व के पीछे एक अनूठी सांस्कृतिक परम्परा, लोक विश्वास और प्रकृति के साथ हमारा जुड़ाव।
जनवरी
मरोज
Maroj
जौनसारी समाज कु म्हैना भर चलणु वाळु जाड़ा कु पर्व — माघ बटि शुरू होंद। मांस का पकवान, लोक गीत औ समाज कु मेळ जुळ।
उत्तरायणी · मकर संक्रांति
Uttarayani / Makar Sankranti
सुर्ज मकर राशि म औंद — बागनाथ (बागेश्वर) म पवित्र स्नान, उत्तरायणी मेला औ पूरा पहाड़ म तिळकुट कु प्रसाद बंट्द छ।
फरवरी
बसंत पंचमी
Basant Panchami
बसन्त ऋतु कु आगमन — नौना-नौनी पढ़णु शुरू करदा छन औ पहाड़ुं म पीळी सरसुं का फूल खिलदा छन।
मार्च
महा शिवरात्रि
Maha Shivratri
भगवान शिव कि महा रात्रि — केदारनाथ, जागेश्वर औ देवभूमि का सब्बि शिव मन्दिरुं म बहुत महिमा कु दिन।
फूल देई
Phool Dei
चैत्र संक्रान्ति — नौना-नौनी हर घौर कि देहरी म बसन्त का फूल चढ़ौंदा छन औ हर परिवार तैं सम्पन्नता कु आशीर्वाद दिन्दा छन।
अप्रैल
बिखौती · बिस्सू
Bikhauti · Bissu
बैसाखी संक्रान्ति — द्वाराहाट (कुमाऊँ) म बिखौती मेला औ जौनसार म तांदी-हारुल नृत्य सँग बिस्सू पर्व मनौंदा छां।
जुलाई
हरेला
Harela
सौंण संक्रान्ति — सात अनाज बौंदा छां औ हरियाली कि पूजा करदा छां। यो फसल, सम्पन्नता औ धरती मैया कु आदर कु प्रतीक छ।
अगस्त
घी संक्रांति · ओल्गिया
Ghee Sankranti (Olgia)
भादौं संक्रान्ति — पैलु दिन घ्यू खाणा कु। किसान औ कारीगर अपणा मालिकु तैं ओल्गिया (भेंट) दिन्दा छन।
सितम्बर
नन्दा देवी मेला
Nanda Devi Mela
सदियूं पुराणु मेला — माँ नन्दा देवी कु सम्मान म लग्द छ। नन्दा देवी कुमाऊँ औ गढ़वाळ का पहाड़ुं कि कुलदेवी छ।
खतरुआ
Khatarua
आश्विन संक्रान्ति — खेतुं म आग जळैक ऋतु बदळणा कु संदेश दिन्दा छां। यो दिन कुमाऊँ का चन्द राजा कि गढ़वाळ पर जीत कु भि पर्व छ।
नवम्बर
दीपावली
Diwali
दीयों कु त्योहार — पूरा पहाड़ म दीया जळैक, रंगोली बणैक औ परिवार सँग पकवान खैक मनौंदा छां।
इगास बग्वाल
Igas Bagwal
गढ़वाळ कि "दूसरी दीवाली" — दीवाली का ग्यारह दिन बाद भैलो (आग कि रस्सी घुमौणु), लोक नृत्य औ पारम्परिक खाणा सँग मनौंदा छां।

